मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर गुरूद्वारे में टेका मत्था

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर गुरूद्वारे में टेका मत्था

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू गोबिंद सिंह ने देश और धर्म के गौरव की रक्षा तथा मूल धर्म की स्थापना के लिए अपने चार साहिबजादों और परिवार का जो बलिदान दिया उसके लिए संपूर्ण राष्ट्र नतमस्तक है। देश के स्वाभिमान और संस्कृति को विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ अपने परिवार को कुर्बान कर देने वाली गुरू जी की जीवन यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायी है। गुरू गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना कर यह बताया कि देश और संस्कृति के लिए हथियार उठाकर बहादुरी के साथ लड़ना जरूरी है। धर्म, संस्कृति और इतिहास को बचाने का उनका प्रयास सम्पूर्ण विश्व के सामने एक प्रभावी, अतुलनीय और अद्भुत उदाहरण है। हर युग और हर काल में उनकी शहादत याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिखों के 10वें गुरू खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर गुरूद्वारा हमीदिया रोड में मत्था टेकने के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।

सभी गुरूओं के वचनों को एकत्र कर गुरू ग्रंथ साहब को प्रदान किया मार्गदर्शक का स्वरूप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह इस रूप में भी भाग्यशाली थे कि उनके परिवार के छोटे से छोटे बच्चे में भी देश, धर्म व संस्कृति के लिए गौरव की अनुभूति थी और वह अपने धर्म और जीवन मूल्यों के लिए बलिदान देने के लिए तत्पर था। गुरू गोबिंद सिंह ने कई आध्यात्मिक प्रश्नों के उत्तर खोजने का प्रयास किया। उन्होंने सभी गुरूओं के पवित्र वचनों को एकत्र करते हुए गुरू ग्रंथ साहब को पंथ के मार्गदर्शक का स्वरूप प्रदान किया।

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