मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित करते हुए आयोजित किया जाए। इस अवसर पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत जनवरी माह की राशि का अंतरण शाजापुर के कालापीपल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सिंगल क्लिक से किया जाएगा। मकर संक्रांति पर्व जिला स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में महिलाओं को तिल, गुड़, कंगन और सुहाग सामग्री का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में जनकल्याण अभियान, मकर संक्रांति, धान उपार्जन और युवा दिसव कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री एस.एन मिश्रा, श्री अनुपम राजन उपस्थित थे। अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा करते हुए कहा कि शीत लहर को देखते हुए कलेक्टर सुविधा के अनुसार स्कूल समय में परिवर्तन करना चाहें तो तुरंत करें। उन्होंने कहा कि आगामी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए अधिकारी, छात्रों और पालकों के साथ स्कूल ही नहीं कॉलेज स्तर पर भी समन्वय स्थापित करें। आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के अधिकारी प्रयागराज में महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें और देखें कि सिंहस्थ के दौरान हमारे प्रदेश में व्यवस्थित संचालन में वे व्यवस्थाएं किस प्रकार प्रभावशील हो सकती हैं।
मकर संक्रांति पर्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर्व की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक स्थान पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। बताया गया कि 12 जनवरी को शाजापुर के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहनों के खातों में जनवरी माह की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 12 जनवरी से 14 जनवरी के मध्य जनकल्याण शिविरों में मकर संक्रांति से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
धान का परिवहन करें तुरंत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम के बदलते हालात को देखते हुए उपार्जित धान को गोदामों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए तुरंत उसका परिवहन करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उपार्जित धान के भुगतान के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि प्रदेश में 7.72 लाख पंजीकृत किसानों से 1400 उपार्जन केन्द्रों पर 36.89 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। इसमें से अभी तक 28.01 लाख मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है। इसके साथ मिलर्स द्वारा मीलिंग के पश्चात 1.60 लाख मीट्रिक टन चावल जमा कराए गए हैं।