मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार क्षिप्रा शुद्धिकरण के लिए निर्माणाधीन कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना का उज्जैन के ग्राम बामोरा स्थित 32 मीटर गहरे शाफ्ट-3 की निर्माणाधीन टनल में उतरकर कार्य का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दृष्टिगत कान्ह क्लोज डक्ट डायवर्जन परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस योजना से हमारे कई वर्षों का संकल्प मूर्त रूप लेगा। इस परियोजना से कान्ह का दूषित जल क्षिप्रा के किसी भी तट पर नहीं मिलेगा। कान्ह नदी का पानी शुद्धिकरण के बाद गंभीर नदी के डाउन-स्ट्रीम तक पहुंचाया जाएगा जिससे किसानों को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी भी मिल पाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टनल में कार्यरत श्रमिकों से संवाद कर कुशलक्षेम जानी
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने टनल में उतरकर कार्यरत श्रमिकों से संवाद कर उनकी कार्यशैली, जीवन चर्या व कार्य का समय और उनकी कुशलक्षेम जानी। श्रमिकों ने मुख्यमंत्री डॉ.यादव की सहृदयता व संवेदनशील व्यवहार देखकर उनसे खुलकर चर्चा की। श्रमिकों ने कहा कि वह माता क्षिप्रा को स्वच्छ करने वाली इस परियोजना के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर देश के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। इस बात पर मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने श्रमिकों के देश निर्माण में उल्लेखनीय योगदान व देश प्रेम की भावना की सराहना की।
इसके पूर्व एसीएस डॉ. राजेश राजौरा के द्वारा मुख्यमंत्री डॉ.यादव, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटील, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल व नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव को योजना संबंधी सोमवार तक के कार्य प्रगति की जानकारी दी।