नेपाल में विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है, जिससे देश में गंभीर संकट पैदा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने संसद, पीएम और राष्ट्रपति के निजी आवासों को जला दिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी छीन लिए।
इस दौरान तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर भी हमला किया गया। पूर्व पीएम झालानाथ खनाल के घर को आग लगा दी गई, जिसमें उनकी पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार बुरी तरह झुलस गईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दूसरी ओर, पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा को उनके घर के भीतर घुसकर मारा गया। वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को भी प्रदर्शनकारियों ने काठमांडू में उनके घर के पास दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। एक सोशल मीडिया वीडियो में एक व्यक्ति को उनके सीने पर लात मारते हुए देखा गया है।
देश में बढ़ती हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें सेना के हेलिकॉप्टर से एक सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया। राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में हुई हिंसा में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं।