इस हफ्ते, भारतीय और वैश्विक शेयर बाजारों में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला। प्रमुख घटनाक्रमों और रुझानों का सारांश इस प्रकार है:
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market)
- सप्ताह की शुरुआत: सप्ताह की शुरुआत में, भारतीय बाजार में मामूली गिरावट देखी गई। सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट रही, जो आठ कारोबारी दिनों से जारी तेजी पर विराम लगा।
- मध्य सप्ताह में उछाल: मंगलवार और बुधवार को बाजार में अच्छी तेजी आई। इस तेजी का मुख्य कारण भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चल रही बातचीत और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें थीं। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स 595 अंक और निफ्टी 170 अंक तक चढ़ा।
- सप्ताह का अंत: कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिनों में बाजार में मुनाफावसूली हावी रही, जिससे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई। शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों नीचे बंद हुए।
- प्रमुख क्षेत्र: फार्मा और आईटी जैसे कुछ क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन देखा गया, जबकि रियल्टी, पीएसयू बैंक और एनर्जी जैसे क्षेत्रों में गिरावट रही।
- अन्य मुख्य खबरें: इस हफ्ते, अडानी समूह के शेयरों में भारी उछाल देखा गया, जिसका कारण सेबी से मिली राहत की खबरें थीं। वहीं, जापानी एजेंसी आरएंडआई ने भारत की विदेशी मुद्रा जारीकर्ता रेटिंग को स्थिर दृष्टिकोण के साथ अपग्रेड किया, जिससे बाजार में सकारात्मकता का माहौल बना।
वैश्विक शेयर बाजार (World Stock Markets)
- अमेरिकी बाजार: इस सप्ताह, अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मिला-जुला रुख रहा। फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशक सतर्क थे, लेकिन ब्याज दर में कटौती के संकेत मिलने से बाजार में कुछ सकारात्मकता दिखी।
- एशियाई बाजार: एशियाई बाजारों का प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे कुछ प्रमुख बाजारों में फेड के फैसले को लेकर उतार-चढ़ाव दिखा।
- मुख्य वैश्विक कारक: वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर पर फैसला, भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव शामिल थे।