मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को गुवाहाटी में ‘इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में असम के उद्योगपतियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का सबसे उपयुक्त निवेश डेस्टिनेशन बताते हुए कहा कि राज्य की केंद्रीय स्थिति, पर्याप्त बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और बेहतरीन कनेक्टिविटी इसे उद्योग स्थापना के लिए ‘आइडियल डेस्टिनेशन’ बनाती है।
मुख्य आकर्षण और घोषणाएँ:
- ऐतिहासिक संबंध: डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश और असम के बीच भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी प्रसंग से 5000 साल पुराने संबंध का उल्लेख किया।
- निवेश के फायदे: उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है और सरकार हर कदम पर सहयोग करेगी।
- रोजगार आधारित उद्योग: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि रोजगार आधारित उद्योग लगाने पर सरकार ₹5000 प्रति श्रमिक सब्सिडी (श्रमिकों के वेतन के लिए) देगी।
- पीएम मित्र पार्क: उन्होंने निवेशकों को देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क (मेगा टेक्सटाइल पार्क) में निवेश करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया, जिसका भूमिपूजन 17 सितंबर को हुआ था।
- वन्यजीव आदान-प्रदान: उन्होंने दोनों राज्यों के बीच वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान करने का प्रस्ताव रखा, जैसे एमपी से गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ, तथा असम से गैंडा, जिससे दोनों राज्यों के वन समृद्ध होंगे।
- बिजली उत्पादन: उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अग्रणी है और ग्रीन एनर्जी (पवन, सोलर) उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है।
- निवेशकों की रुचि: सत्र के दौरान जीईआरडी फार्मास्युटिकल्स, लोहिया समूह, असम बंगाल नेविगेशन, बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स, स्टार सीमेंट सहित कई बड़े उद्योगपतियों ने फार्मा, पैकेजिंग, रिवर क्रूज, ईको-टूरिज्म और सीमेंट प्लांट जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में निवेश के प्रस्ताव रखे।
अन्य अतिथियों का मत: फिक्की असम के अध्यक्ष डॉ. घनश्याम दास धानुका और सह-अध्यक्ष श्री जॉयदीप गुप्ता ने मध्यप्रदेश के पारदर्शी नेतृत्व और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य में इस रोड-शो को महत्वपूर्ण बताया। प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने 1 लाख एकड़ का लैंड बैंक, पॉवर सरप्लस राज्य होने और ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर ज़ोर दिया।