छिंदवाड़ा (परासिया)। कफ सिरप के सेवन से मासूम बच्चों की असामयिक मृत्यु की दुखद घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अत्यंत संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने अपने पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रम तत्काल निरस्त कर सोमवार को छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंचे और मृतक बच्चों के परिजनों से उनके घर जाकर व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों से भेंट कर गहरा दुख व्यक्त किया, उन्हें ढांढस बंधाया और भरी आँखों से अपनी आत्मीय संवेदनाएं प्रकट कीं। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने शोकाकुल परिजनों को एक भावनात्मक संबल प्रदान किया।
घर-घर जाकर व्यक्त की संवेदना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर परिषद न्यूटन में खान परिवार और ग्राम बेलगांव में डेहरिया परिवार से मुलाकात की। इसके बाद, उन्होंने परासिया मुख्यालय पहुँचकर खान परिवार, दीघावानी के यदुवंशी परिवार और उमरेठ के सोनी परिवार से भी भेंट की। ग्राम बड़कुही में ठाकरे परिवार, सेठिया के पिपरे परिवार और इकलेहरा के उईके परिवार से मिलकर मुख्यमंत्री ने उनके आंसू पोंछे और कहा, “यह सिर्फ आपकी नहीं, मेरी और हम सबकी पीड़ा है। आपके बच्चों का दुख मेरा भी है। वेदना की इस घड़ी में मैं और पूरी सरकार आपके साथ है। सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।”
न्यूटन में, 5 वर्षीय बेटे को खोने वाली पीड़ित माता आफरीन खान मुख्यमंत्री को देखकर रो पड़ीं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अस्पताल में भर्ती बच्चों को हर हाल में बचाया जाए।
कठोरतम दंड और उच्चस्तरीय जांच मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया और स्पष्ट किया कि घटना के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यक्तियों या संस्थाओं को कठोरतम दंड दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच जारी है और दोषियों पर आज ही सख्त कार्यवाही की गई है। इस क्रम में, तमिलनाडु की संबंधित फैक्ट्री की दवाइयों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, साथ ही तीन अधिकारी— उप औषधि नियंत्रक श्री शोभित कोष्टा, औषधि निरीक्षक श्री शरद जैन और श्री गौरव शर्मा—को निलंबित कर दिया गया है। फूड एंड ड्रग कंट्रोलर को भी स्थानांतरित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि संबंधित डॉक्टर और दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर तथा दवा स्टॉकिस्ट पर भी कठोर कार्यवाही की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के सख्त निर्देश दिए।