मध्य प्रदेश ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में सम्मान हासिल किया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने स्वयं नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश को सम्मानित किया, जहाँ प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य, श्री गुलशन बामरा ने यह राज्य स्तरीय पुरस्कार ग्रहण किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर की गई और मध्य प्रदेश को क्रियान्वयन के आधार पर देश के प्रथम पाँच राज्यों में स्थान मिला।
यह अभियान जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का संचार कर रहा है, जिससे सरकारी योजनाएं न केवल कागज़ पर बल्कि ज़मीनी स्तर पर भी प्रभावी ढंग से लागू हों। मध्य प्रदेश में 1 लाख 41 हजार आदि सहयोगी और 1 लाख 92 हजार आदि साथी, 1210 अशासकीय संगठनों के साथ मिलकर जनजातीय बंधुओं के जीवन में बदलाव लाने में जुटे हैं।
प्रदेश में शिक्षा के लिए व्यापक ढांचा तैयार किया गया है, जहाँ माता शबरी आवासीय बालिका शिक्षा कॉम्प्लेक्स, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों सहित कुल 2,913 संस्थाओं में 2 लाख 30 हजार विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा में, तीन माह के भीतर 81,000 से अधिक आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए, और 9,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।
राज्य ने पीएम जनमन योजना के तहत आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड जैसे सभी आवश्यक दस्तावेज़ों को हितग्राहियों तक पहुँचाने में 100% सफलता दर्ज की है। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बैतूल जिले को ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ में और शिवपुरी को ‘पीएम जनमन’ में विशेष सम्मान मिला। यह सम्मान मध्य प्रदेश के जनजातीय विकास के प्रति ‘संकल्प’ और ‘समर्पण’ को प्रमाणित करता है।