नई दिल्ली: डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के उपलक्ष्य में वैश्विक स्तर पर चलाए जा रहे #GoRedForDyslexia अभियान के तहत, भारत में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 26 अक्टूबर 2025 को स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री संजय कुमार और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने ‘वॉक फॉर डिस्लेक्सिया’ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाई।
जागरूकता फैलाने और समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हजारों लोग इस पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान, डिस्लेक्सिया के प्रति समर्थन दिखाने के लिए नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन और सचिवालय समेत कई ऐतिहासिक इमारतें लाल रंग की रोशनी से नहाईं।
श्री संजय कुमार ने डिस्लेक्सिया जैसी विशिष्ट सीखने की अक्षमताओं (एसएलडी) की शुरुआती पहचान और स्वीकृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “डिस्लेक्सिया कोई सीमा नहीं, बल्कि ज्ञान को समझने और व्यक्त करने का एक अलग तरीका है।” उन्होंने प्रारंभिक पहचान में मदद करने वाले एनसीईआरटी के मोबाइल ऐप ‘प्रशस्त 2.0’ के महत्व को भी रेखांकित किया। यह पहल दर्शाता है कि सरकार और नागरिक समाज संगठन (जैसे चेंजइंक फाउंडेशन, ऑर्किड्स फाउंडेशन, सोच फाउंडेशन) मिलकर समावेशी शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।