जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

जागरूक नागरिक ही सबसे बड़ी सुरक्षा दीवार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

साइबर ठगी होने पर तुरंत ‘1930’ पर कॉल करें, देरी से पैसे वापसी की संभावना घटती है

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित ‘रन फॉर साइबर अवेयरनेस’ में प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए साइबर जागरूकता को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक और कानून के अपने महत्व हैं, लेकिन जब नागरिक जागरूक होगा, तभी राष्ट्र सुरक्षित होगा

डिजिटल खतरों से मुकाबला: मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट, फेक इन्वेस्टमेंट लिंक और ऑनलाइन शॉपिंग धोखाधड़ी जैसे अपराध समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है।” उन्होंने प्रतिभागियों को साइबर सिपाही बताते हुए जिम्मेदारी, सुरक्षा और जागरूकता की दौड़ के लिए एकजुट होने पर बधाई दी।

पीएम मोदी का मंत्र: साइबर सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दिए गए मंत्र ‘स्टॉप, थिंक, एंड देन टेक एक्शन’ (रुको, सोचो और फिर कोई कदम उठाओ) को दोहराया। उन्होंने इसे ‘डिजिटल युग का संविधान और सुरक्षित नागरिक का संस्कार’ बताया और कहा कि हमें साइबर स्वच्छता को अपनी संस्कृति बनाना होगा।

त्वरित कार्रवाई का महत्व: डॉ. यादव ने ज़ोर दिया कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस अधिकारी या बैंक मैनेजर बताकर लोगों को ठग रहे हैं। उन्होंने ठगी के शिकार लोगों को सचेत करते हुए कहा कि तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें, क्योंकि त्वरित कार्रवाई ही बचाव है और देरी करने से पीड़ित के पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है।

डीजीपी का संबोधन: पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि साइबर अपराध सिर्फ पैसों की हानि नहीं है, बल्कि विश्वास, चरित्र, पहचान और मेहनत की चोरी भी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में साइबर क्राइम सबसे तेजी से उभरने वाला अपराध होगा। उन्होंने प्रतिभागियों से साइबर सुरक्षा को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

रन अटल पथ से शुरू होकर टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *