मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विज्ञान भवन, नेहरू नगर में ड्रोन तकनीक कार्यशाला एवं एक्सपो 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक की सहायता से प्रदेश में विकास के हर संभव प्रयास जारी हैं, और राज्य सरकार ने अपनी नई ड्रोन पॉलिसी भी तैयार की है। उन्होंने दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. यादव ने ड्रोन को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि ड्रोन कृषि कार्यों, खासकर कीटनाशक छिड़काव में अन्नदाता की मदद कर रहा है, और यह देश के दुश्मनों का खात्मा करने में भी सहायक है। मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए भारतीय ड्रोन तकनीक की शक्ति की प्रशंसा की।
उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न शैक्षणिक, औद्योगिक तथा कृषि क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन टेक एक्सपो भारत की तकनीकी क्रांति का प्रतीक है, और ड्रोन तकनीक ने आपदा से लेकर मॉनीटरिंग तक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व बदलाव किए हैं।
प्रमुख बिंदु:
- मध्यप्रदेश विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने बताया कि राज्य के 70वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में यह एक्सपो आयोजित किया गया है, जिसमें 4 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया है।
- स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के निदेशक श्री कैलाशा राव ने बताया कि ड्रोन तकनीक अधोसंरचना विकास और ऐतिहासिक स्थलों के मानचित्रण में अहम भूमिका निभा रही है।
- अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि ड्रोन अब केवल रक्षा या निगरानी का साधन नहीं रहे, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य सेवाएँ, परिवहन, और मीडिया जैसे अनेक क्षेत्रों में उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य में ड्रोन तकनीक की समझ, उपयोगिता और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।