प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित “कानूनी सहायता वितरण तंत्र को सुदृढ़ बनाने” पर राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता वितरण तंत्र और विधिक सेवा दिवस से जुड़े कार्यक्रमों को सुदृढ़ बनाने से भारत की न्यायिक व्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने 20वें राष्ट्रीय सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।
‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी के प्रमुख संदेश:
- NALSA को बधाई: “राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण को 30 वर्ष पूरे करने पर बधाई! मुझे विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन हमारी न्याय प्रणाली को सभी के लिए और अधिक सुलभ बनाने के प्रयासों को और मज़बूत करेगा।”
- सरकार के प्रयास: “पिछले कुछ वर्षों में, हमारी सरकार ने ‘न्याय की सुगमता’ को बढ़ाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभिन्न पहलों ने गरीबों, उपेक्षित लोगों और समाज के वंचित वर्गों के लिए तेज़ और अधिक किफायती न्याय सुनिश्चित किया है।”
- मध्यस्थता कानून: “भारत की परंपराओं में मध्यस्थता का हमेशा से एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। नया मध्यस्थता कानून मध्यस्थता के आधुनिकीकरण और अन्य पहलुओं पर केन्द्रित है।”
- भाषाई पहुंच: “सर्वोच्च न्यायालय की 80,000 से ज़्यादा फ़ैसलों का विभिन्न भारतीय भाषाओं में अनुवाद करने की पहल सचमुच सराहनीय है। मुझे विश्वास है कि इस उल्लेखनीय प्रयास को उच्च न्यायालयों और ज़िला न्यायालयों द्वारा भी आगे बढ़ाया जाएगा।”