गुरुवार को स्थानीय दशहरा मैदान में ‘केरला फेस्ट सेकण्ड ऐडिशन’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने इस महोत्सव को सांस्कृतिक एकीकरण और भाईचारे की भावना का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि यह मनोरंजन के साथ ही केरल और मध्य प्रदेश के बीच समरसता का सशक्त सेतु है। यह उन मलयाली बहनों-भाइयों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जिन्होंने मध्य प्रदेश को अपनी कर्म भूमि बनाया है।
विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने अपने संबोधन में मलयाली समुदाय के अपनी भूमि, संस्कृति और निष्ठा से गहरे जुड़ाव को प्रेरणादायी और अनुकरणीय बताया। जल संसाधन विकास सचिव श्री जॉन किंगस्ली भी इस कार्यक्रम में मंचासीन थे।
राज्यपाल श्री पटेल ने मध्य प्रदेश के विकास में मलयाली समुदाय के अत्यंत महत्वपूर्ण, प्रेरणादायक और सराहनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, नर्स, शिक्षक, प्रशासनिक और सेवा क्षेत्रों में अपनी कार्यकुशलता और ईमानदारी से उन्होंने प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान कायम की है। उन्होंने युनाईटेड मलयाली एसोसिएशन को समाज और समग्र मानवता की सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने हेतु बधाई दी।
विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने मलयाली समुदाय को कर्तव्यनिष्ठ बताते हुए कहा कि यही कारण है कि वे साक्षरता और स्वच्छता में देश में अग्रणी हैं। उन्होंने समुदाय की सेवा, समर्पण, रचनात्मकता, सांस्कृतिक गतिविधियों और कार्य क्षेत्र में कर्तव्य परायणता से विशिष्ट स्थान बनाने की बात कही।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक प्रबाश कुमार सुबुदि ने ‘केरला फेस्ट’ को “गोड्स ओन कन्ट्री” के रंग और स्वाद का प्रतीक बताया और मलयाली समुदाय को भारत की विविधता में एकता का सच्चा राजदूत घोषित किया। नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमती सी. सरस्वती ने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि मलयाली समुदाय अपनी जड़ों को किस प्रकार जीवंत रखता है। नाबार्ड ने ग्रामीण कौशल और स्व-सहायता समूहों (एस.एच.जी.) को मजबूत करने के लिए 10 स्टॉलों को प्रायोजित किया।
युनाइटेड मलयाली एसोसिएशन के अध्यक्ष ओ.टी. जोसेफ ने बताया कि उनकी संस्था चार दशकों से संस्कृति संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और मानवता की सेवा के क्षेत्रों में सक्रिय है। कार्यक्रम का समापन उपाध्यक्ष श्री अनिल कुमार के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।