इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर भ्रमण के दौरान अचानक थाना एमजी रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, विभिन्न व्यवस्थाओं और रजिस्टरों की जाँच की। मुख्यमंत्री ने हेड मोहर्रिर कक्ष में जाकर एफआईआर दर्ज करने की कंप्यूटरीकृत व्यवस्था का अवलोकन किया और स्टाफ से इसकी प्रक्रिया की जानकारी ली।
दोपहर 12 बजे किए गए इस निरीक्षण में मुख्यमंत्री ने रोजनामचे की जाँच की और पाया कि अंतिम एंट्री सुबह 11:38 बजे की थी। इस दौरान एक आरक्षक रिंकू सिंह के 8 नवंबर से बिना सूचना अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह को अनुपस्थिति की जाँच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री को पुलिस कमिश्नर ने आमजन की सुविधाओं के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर थाने में आमजन से फीडबैक लेने के लिए आगंतुक रजिस्टर रखा गया है। इसके अलावा, पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक अलग फीडबैक सेक्शन बनाया गया है, जो हर माह लगभग 5 हजार आगंतुकों से फोन पर फीडबैक लेता है। नागरिकों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से भी फीडबैक की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- थानों में आने वाले प्रत्येक नागरिक की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई हो।
- नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुलिस पूर्ण दक्षता के साथ कार्य करे।
- थानों में अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों का जल्द निष्पादन किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, विधायक श्रीमती मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।