मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
प्रमुख निर्णय:
- ‘प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना’ में संशोधन:
- किसानों को स्वीकृत क्षमता से एक क्षमता अधिक के सोलर पंप का विकल्प मिलेगा।
- अब, 3 HP के अस्थायी कनेक्शन वाले किसानों को 5 HP और 5 HP वाले किसानों को 7.5 HP का सोलर पंप मिल सकेगा।
- योजना के तहत 7.5 HP तक के पंप के लिए किसान को 10% अंशदान देना होगा, जबकि शासन 90% सब्सिडी देगा।
- यह योजना (कुसुम-बी) 24 जनवरी 2025 से लागू है और इसका उद्देश्य राज्य सरकार पर अनुदान के भार को सीमित करना और वितरण कंपनियों की हानियों को कम करना है।
- ‘मिशन वात्सल्य’ को अगले 5 वर्षों तक स्वीकृति:
- गैर-संस्थागत सेवा योजनाएं (स्पॉन्सरशिप, फॉस्टर केयर, आफ्टर केयर) अगले 5 साल तक सभी जिलों में संचालित होंगी।
- पात्र बच्चे को ₹4,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी।
- 18 वर्ष की आयु के बाद बाल देखभाल संस्थान छोड़ने वाले बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण से जोड़कर सशक्त बनाया जाएगा।
- योजना का कुल व्यय ₹1,022.40 करोड़ होगा, जिससे राज्य के 33,346 बच्चे लाभान्वित होंगे।
- आयुष चिकित्सालयों में 373 नए पद मंजूर:
- 12 जिलों में 50 बिस्तरीय और बड़वानी में 30 बिस्तरीय आयुष चिकित्सालयों के लिए 373 नियमित पद और 806 ऑन कॉल मानव संसाधन सेवाओं को स्वीकृति।
- नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार ₹25.57 करोड़ होगा।
- अन्य महत्वपूर्ण स्वीकृतियां:
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद: वैज्ञानिकों/अधिकारियों/कर्मचारियों की भर्ती एवं सेवा शर्तें नियम 2025 को मंजूरी दी गई।
- मेडिको लीगल संस्थान: अधिकारियों को 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ मिलेगा, जिस पर ₹93 लाख का वित्तीय भार आएगा।
- सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड (SIB): योजना में संशोधन किया गया, जिसमें आयुक्त, संस्थागत वित्त को स्टीयरिंग समिति का सदस्य सचिव नामित किया गया।
- आगर-मालवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण: नवगठित प्राधिकरण के लिए 9 नए पदों (सचिव, जिला विधिक सहायता अधिकारी सहित) के सृजन को मंजूरी।