मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल: मध्यप्रदेश में ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का भव्य शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल: मध्यप्रदेश में ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का भव्य शुभारंभ

मध्यप्रदेश ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अभिनव पहल पर हवाई पर्यटन के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू किया है। प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के उद्देश्य से, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ‘पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा’ का संचालन गुरुवार, 20 नवंबर से विधिवत शुरू कर दिया गया है। परंपरागत गाजे-बाजे और स्थानीय जनता के गर्मजोशी भरे स्वागत के बीच इस सेवा के शुभारंभ से पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल बन गया। अब यह सेवा नियमित रूप से संचालित होकर मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा और तीव्र गति प्रदान करेगी।

ऐतिहासिक प्रथम उड़ान: पहले दिन हेलीकॉप्टर ने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार तीन प्रमुख सेक्टरों में उड़ान भरी:

  1. भोपाल सर्किट: भोपाल से मढ़ई और मढ़ई से पचमढ़ी।
  2. इंदौर सर्किट: इंदौर से उज्जैन एवं ओंकारेश्वर।
  3. जबलपुर सर्किट: जबलपुर से कान्हा तथा बांधवगढ़। जनप्रतिनिधियों और महंतों ने इस सेवा का आनंद लिया।

महत्वपूर्ण वक्तव्य: पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह सेवा आध्यात्मिक, प्राकृतिक और वन्यजीव पर्यटन को एक तेज, सुगम और किफायती हवाई मार्ग प्रदान करेगी, जिससे प्रदेश में रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने इसे प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक, सांस्कृतिक और वन्यजीव स्थलों को जोड़ने का अभिनव प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि किफायती किराया और कम समय में गंतव्य तक पहुंचना इस सेवा को अत्यंत आकर्षक बनाएगा और घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करेगा।

प्रथम यात्राओं का विवरण:

  • भोपाल से प्रकृति: भोपाल से मढ़ई के लिए सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया सिंह नारोलिया सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने यात्रा की।
  • इंदौर से तीर्थ यात्रा: इंदौर में भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने यात्रियों के पहले दल को महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए झंडी दिखाकर रवाना किया। साधु-संतों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाजनक, समय बचाने वाला और सुरक्षित बताया। उज्जैन में महंतों ने 10 मिनट की जॉय-राइड में भी भाग लिया।
  • जबलपुर से वन-संपदा: जबलपुर के श्री अनिल तिवारी और श्री ओमनारायण दुबे ने कान्हा और बांधवगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता का हवाई मार्ग से अवलोकन किया। (जबलपुर से अमरकंटक की सेवा 21 नवंबर से शुरू होगी, साथ ही मैहर और चित्रकूट के लिए भी सेवा उपलब्ध होगी)।

सेक्टरवार समय सारणी (लगभग): | सेक्टर | गंतव्य | अनुमानित समय | | :— | :— | :— | | धार्मिक | इंदौर–उज्जैन | 20 मिनट | | | उज्जैन–ओंकारेश्वर | 40 मिनट | | वाइल्डलाइफ़ | जबलपुर–बांधवगढ़ | 45 मिनट | | इको टूरिज्म| भोपाल–मढ़ई | 40 मिनट | | | भोपाल–पचमढ़ी (सीधी उड़ान) | 60 मिनट |

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