वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स के आखिरी दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 गोल्ड मेडल हासिल किए। भारत ने इस टूर्नामेंट में कुल 9 गोल्ड, 6 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मेडल के साथ इतिहास रचा।
- महिलाओं का जलवा: कुल 9 गोल्ड में से 7 गोल्ड मेडल भारतीय महिला खिलाड़ियों ने जीते, जो आखिरी दिन आकर्षण का केंद्र रहीं।
- गोल्ड जीतने वाली महिलाएँ: मीनाक्षी (48 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और नूपुर (80+ किग्रा) ने एकतरफा 5-0 से जीत दर्ज कर गोल्ड जीता।
- मीनाक्षी ने एशियन चैंपियन फरजोना फोजिलोवा को 5-0 से हराया।
- प्रीति ने इटली की मेडलिस्ट सिरिन चर्राबी को 5-0 से मात दी।
- अरुंधति ने उज्बेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा को 5-0 से हराया।
- नूपुर ने सोटिम्बोएवा ओल्टिनोय को 3-2 से मात दी।
- अन्य महिला गोल्ड मेडलिस्ट: जैस्मिन लंबोरिया (4-1 से जीत), निखत जरीन (5-0 से जीत), और परवीन (3-2 से जीत)। जैस्मिन लंबोरिया ने पेरिस ओलिंपिक मेडलिस्ट वू शिह यी को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
- पुरुष कैटेगरी: पुरुष वर्ग में सचिन (60 किग्रा) और हितेश (70 किग्रा) ने दो गोल्ड मेडल दिलाए। सचिन ने किर्गिस्तान के सेइतबेक को 5-0 से, जबकि हितेश ने कजाखस्तान के मुर्सल को 3-2 से हराकर जीत दर्ज की।
- पोडियम फिनिश: जदुमणि सिंह, पवन बर्तवाल, अभिनाश जामवाल और अंकुश फाइनल तक पहुंचे लेकिन गोल्ड मेडल से चूक गए।
- महत्वपूर्ण तथ्य: मीनाक्षी, प्रीति, अरुंधति और नूपुर की वेट कैटेगरी 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक में शामिल हैं।
टूर्नामेंट की रूपरेखा:
- यह वर्ल्ड बॉक्सिंग कप का पहला मेगा इवेंट था, जो तीन चरणों में आयोजित हुआ।
- फाइनल चरण भारत में हुआ, जिसमें 18 देशों के 130 बॉक्सर्स ने हिस्सा लिया।
- खास बात यह है कि सभी 20 भारतीय बॉक्सर्स ने पोडियम फिनिश किया।