केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रवासी भारतीय केंद्र, नई दिल्ली में ‘नई चेतना अभियान’ का उद्घाटन किया। यह अभियान ग्रामीण विकास मंत्रालय के DAY-NRLM द्वारा आयोजित किया जा रहा है और 23 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
1. आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण
- सरकारी प्रयास: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कार्य हो रहा है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
- ‘लखपति दीदी’ उपलब्धि: 2 करोड़ से ज़्यादा स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्याएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
- संकल्प: श्री चौहान ने वादा किया कि किसी भी महिला की आँखों में आँसू नहीं होंगे; सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि हर बहन लखपति दीदी बने।
- लक्ष्य: देश की कोई भी बहन गरीब नहीं रहेगी।
2. सुरक्षा और गरिमा पर ज़ोर
- मानसिकता में बदलाव: बेटियों के प्रति भेदभाव की मानसिकता को पूरी तरह बदलने की आवश्यकता है।
- हिंसा मुक्त समाज: महिलाओं से हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। हिंसा मुक्त गाँव बनाने के लिए एक व्यापक जन अभियान चलाया जाएगा।
- कठोरता: गलत नज़र वाले तत्वों की सोच बदलने और ज़रूरत पड़ने पर उन्हें कुचलने की बात कही गई।
3. नशा मुक्ति और सामुदायिक कार्रवाई
- नशे के ख़िलाफ़ आवाज़: नशे को बुराइयों की जड़ बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से गाँव-गाँव अलख जगाने की अपील की।
- सामुदायिक उद्देश्य: अभियान का उद्देश्य समुदाय आधारित कार्रवाई के माध्यम से जेंडर आधारित हिंसा के प्रति जागरूकता फैलाना, महिलाओं की सुरक्षित गतिशीलता, आर्थिक योगदान की पहचान और घरेलू कार्यों में साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है।
4. ‘Whole of Government’ दृष्टिकोण
- यह अभियान पूरे देश में स्व-सहायता समूहों के विशाल नेटवर्क द्वारा चलाया जा रहा है।
- कार्यक्रम में 11 मंत्रालयों/विभागों (जैसे महिला एवं बाल विकास, गृह, पंचायती राज, स्वास्थ्य) द्वारा एक अंतर-मंत्रालयी संयुक्त परामर्श जारी किया गया। यह “Whole of Government” दृष्टिकोण का उदाहरण है, जो जेंडर भेदभाव और हिंसा के उन्मूलन के लिए सभी मंत्रालयों को एकजुट करता है।