भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली और आगामी योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘लखपति बीघा’ लक्ष्य रखा जाए, जहाँ एक बीघा से एक लाख रुपये कमाने वाले कृषकों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने किसानों के लिए बाजार में सीधी पहुंच सुनिश्चित करने, उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने तथा ग्राम स्तर पर नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए सघन गतिविधियाँ चलाने पर बल दिया। उन्होंने नरवाई (पराली) प्रबंधन की तीन वर्षीय कार्ययोजना बनाने और सभी संभागों की नर्सरियों को आदर्श बनाने के भी निर्देश दिए।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियाँ (2023-24 & 2024-25):
| सूचक | विवरण |
| उत्पादन में स्थान | दाल, तिलहन, मक्का: देश में प्रथम; खाद्यान्न, अनाज, गेहूँ: देश में द्वितीय। |
| उर्वरक वितरण (2024-25) | 38.10 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 21.41 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी.+एन.पी.के.। |
| फसल बीमा भुगतान (2024-25) | 1.79 करोड़ किसानों को 1275.86 करोड़ रुपये का भुगतान। |
| मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि (2024-25) | 4,849 करोड़ रुपये की सहायता वितरित। |
| ई-मंडी कार्यान्वयन | सभी 259 मंडियों में ई-मंडी लागू, स्कॉच गोल्ड अवार्ड प्राप्त। |
| पराली प्रबंधन यंत्र (2025-26) | 2479 कृषि यंत्र वितरित। |
आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना (लक्ष्य):
- जैविक हाट बाजार: प्रदेश के सभी 363 नगरपालिका/नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार शुरू किए जाएंगे।
- दबाव सिंचाई प्रणाली (‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’): वर्ष 2027-28 तक 2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल करना।
- पराली नियंत्रण: वर्ष 2027-28 तक पराली जलाने की घटनाओं में 80 प्रतिशत की कमी लाना।
- मंडियों का आधुनिकीकरण: आगामी दो वर्षों में सभी मंडियों को हाईटेक बनाना।