भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ गान से हुई। कैबिनेट ने अनूपपुर, मंडला और डिंडोरी जिलों की तीन प्रमुख जल परियोजनाओं—अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना—के प्रभावितों के लिए 1,782 करोड़ रुपये के अतिरिक्त विशेष पैकेज को मंजूरी दी है।
यह राशि पूर्व में डीपीआर (DPR) में तय 1656.02 करोड़ रुपये के अतिरिक्त होगी। इन 5,512.11 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से लगभग 71,967 हेक्टेयर में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रभावित होने वाले 13,873 परिवारों को प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति परिवारों को अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
अन्य प्रमुख निर्णय:
- मेट्रो रेल: भोपाल और इंदौर मेट्रो के रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 90.67 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
- स्वरोजगार: ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ को अब वर्ष 2030-31 तक निरंतर रखने की मंजूरी दी गई है, जिस पर 905.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- ग्रामीण सड़कें: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं अवसंरचना योजना के तहत 693.76 करोड़ रुपये के 3,810 कार्यों को अनुमति दी गई है।
- वन विज्ञान केंद्र: प्रदेश में वानिकी विस्तार और जागरूकता के लिए 48 करोड़ की लागत से 6 ‘वन विज्ञान केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे।
- पद व्यवस्था में सुधार: शासन के विभिन्न विभागों में अस्थायी पदों को स्थायी पदों में बदलने और भर्ती नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई है।