नई दिल्ली: केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘एशिया ओशिनिया कॉनफ्रेंस ऑन ऑबेसिटी’ (AOCO) के उद्घाटन सत्र में मोटापे को भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बताया। स्वयं एक प्रख्यात मधुमेह विशेषज्ञ होने के नाते, डॉ. सिंह ने चेतावनी दी कि वजन घटाने या मोटापा कम करने वाली दवाओं का उपयोग बहुत ही सोच-समझकर और विवेकपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली कुल मौतों में गैर-संक्रामक रोगों (NCDs) का योगदान 63% है, जिनमें से अधिकांश मोटापे से जुड़े हैं। डॉ. सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि मोटापे को केवल एक ‘लाइफस्टाइल’ समस्या न मानकर इसे एक जटिल और बार-बार होने वाले विकार के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे विजन का उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डेटा संग्रह को मजबूत करने के लिए ‘AIAARO मोटापा रजिस्ट्री’ का भी शुभारंभ किया।