इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली बीमारी के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जल आपूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम को अतिरिक्त अमला और संसाधन मुहैया कराने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्री संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता को शुद्ध पेयजल देना शासन की पहली प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही अक्षम्य है।