उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मौसम ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप जारी है, जबकि मेरठ और गाजियाबाद समेत 14 जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। कानपुर बुधवार को प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहाड़ी राज्यों, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों में साफ दिख रहा है। दिल्ली में 31 दिसंबर पिछले 6 वर्षों में सबसे ठंडा रहा, जहाँ तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। राजस्थान के जयपुर और चित्तौड़गढ़ में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। हरियाणा में भी धुंध और बारिश के चलते विजिबिलिटी 0 से 50 मीटर तक रह गई है, जिसे देखते हुए राज्य के सभी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है। बिहार के सभी 38 जिलों में ‘कोल्ड-डे’ की स्थिति है, जिसमें गया 5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे उत्तर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं:
- 2 जनवरी का पूर्वानुमान: पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की चेतावनी है। पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे मैदानी राज्यों में घना कोहरा छाया रहेगा। जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के निचले इलाकों में बारिश से सर्दी और बढ़ेगी।
- 3 जनवरी का पूर्वानुमान: दिल्ली में कड़ाके की शीतलहर शुरू होगी, जिससे पारा 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है। पंजाब से लेकर छत्तीसगढ़ तक कोहरे का कहर जारी रहेगा। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलेंगी।