हैदराबाद: भारत ने हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला, ‘रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला’ (DRDL) ने 9 जनवरी, 2026 को अपने अत्याधुनिक स्क्रैमजेट कनेक्ट पाइप टेस्ट (SCPT) केंद्र में ‘एक्टिवली कूल्ड स्क्रैमजेट फुल स्केल कंबस्टर’ का सफल जमीनी परीक्षण किया। इस परीक्षण के दौरान इंजन को 12 मिनट से अधिक समय तक सफलतापूर्वक चलाया गया।
यह परीक्षण 25 अप्रैल, 2025 को किए गए पिछले सबस्केल परीक्षण की अगली कड़ी है। इस सफलता के साथ ही भारत ने उन्नत एयरोस्पेस क्षमताओं वाले देशों की सूची में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ और उद्योग भागीदारों को बधाई देते हुए कहा कि यह परीक्षण देश के हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल कार्यक्रम के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा। डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी कामत ने भी इस महत्वपूर्ण कार्य में शामिल टीमों की सराहना की।