दावोस: राष्ट्रपति ट्रम्प के आक्रामक भाषण का तत्काल असर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रिश्तों पर देखने को मिला है। उनके संबोधन के बाद यूरोपीय संसद की व्यापार समिति ने अमेरिका के साथ होने वाले अहम व्यापार समझौते (Trade Deal) पर वोटिंग फिलहाल रोक दी है। समिति के अध्यक्ष बर्न्ड लैंगे ने इसकी पुष्टि की। इससे पहले ट्रम्प ने नाटो (NATO) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और यूक्रेन युद्ध की पूरी जिम्मेदारी यूरोप पर डालने की बात कही।
वहीं दूसरी ओर, भारतीय संदर्भ में ट्रम्प का रुख काफी सकारात्मक रहा। भाषण के बाद भारतीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना ‘बेहतरीन दोस्त’ बताया। ट्रम्प ने घोषणा की कि भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही एक बड़ा और प्रभावी व्यापार समझौता होने वाला है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ हुए 5 करोड़ बैरल तेल समझौते का भी जिक्र किया, जिसमें अमेरिकी कंपनियां तेल उत्पादन में सहयोग करेंगी।