नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 18 साल लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को 16वें भारत-EU समिट में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लगा दी है। पीएम मोदी और यूरोपीय नेताओं की मौजूदगी में हुए इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, यह समझौता 2027 से पूरी तरह लागू होने की संभावना है।
प्रमुख आर्थिक बदलाव:
- लग्जरी कारें: BMW और मर्सिडीज जैसी यूरोपीय कारों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 110% से घटकर मात्र 10% रह जाएगी (सालाना 2.5 लाख गाड़ियों की सीमा के साथ)।
- शराब और वाइन: यूरोपीय वाइन पर लगने वाला 150% टैरिफ घटकर 20-30% पर आ जाएगा।
- व्यापार कवरेज: यह डील भारत के 99% निर्यात और EU के 97% से अधिक निर्यात को कवर करेगी।
चीन पर निर्भरता कम करेगा भारत-EU समझौता: पीएम मोदी ने ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ को हथियार बनाने पर चेताया
भारत-EU बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण सामरिक बिंदु उठाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक और दुर्लभ खनिजों (Rare Earth Minerals) को दबाव बनाने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
साझेदारी के नए आयाम:
- सप्लाई चेन: दोनों पक्ष इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी, चिप्स और दवाओं के कच्चे माल के लिए भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने पर सहमत हुए हैं।
- डिफेंस और AI: पीएम ने डिफेंस, स्पेस, टेलीकॉम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में निवेश का आह्वान किया।
- ग्रीन एनर्जी: ग्रीन हाइड्रोजन और सौर ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मिलकर रिसर्च और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- आर्थिक मजबूती: पिछले 10 साल में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 180 अरब यूरो पहुंच गया है। वर्तमान में 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में और 1,500 भारतीय कंपनियां यूरोप में सक्रिय हैं।