भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बिजली की तुलना शरीर के ‘प्राणों’ से करते हुए कहा कि राज्य की उन्नति के लिए पर्याप्त विद्युत उपलब्धता अनिवार्य है। मंगलवार को हुए नए बिजली समझौतों से न केवल प्रदेश की ऊर्जा मांग पूरी होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
रोजगार और उद्यमिता पर प्रभाव:
- 8,000 नई नौकरियां: इन नए विद्युत संयंत्रों के माध्यम से लगभग 8,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।
- कृषक कल्याण वर्ष: वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए सरकार खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है, जिसके लिए निर्बाध बिजली आवश्यक है।
- पीएम मित्र पार्क: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदेश को दिए गए ‘पीएम मित्र पार्क’ के विकास में भी यह अतिरिक्त बिजली एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मध्यप्रदेश की उद्योग मित्र नीतियां और सशक्त बुनियादी ढांचा निवेशकों के लिए राज्य को पहली पसंद बना रहा है।