मध्यप्रदेश बना देश का पहला ‘भावांतर भुगतान’ राज्य; सोयाबीन के बाद अब सरसों-मूंगफली पर भी मिलेगा लाभ

मध्यप्रदेश बना देश का पहला ‘भावांतर भुगतान’ राज्य; सोयाबीन के बाद अब सरसों-मूंगफली पर भी मिलेगा लाभ

भोपाल/मंदसौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मल्हारगढ़ में घोषणा की कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम दिलाने के लिए सरकारी खजाने से भावांतर राशि का भुगतान शुरू किया है। योजना की शुरुआत से अब तक 7.10 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादकों को लगभग 1500 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

प्रमुख आर्थिक बिंदु:

  • पीएम मित्र पार्क: धार में बनने वाले देश के पहले पीएम मित्र पार्क से 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ होगा।
  • बजट का विस्तार: उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में राज्य के बजट को दोगुना करना है। इस वर्ष 4.21 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया गया था।
  • सिंचाई और इंफ्रास्ट्रक्चर: गांधी सागर बांध का पानी अब हर खेत तक पहुंच रहा है, जिससे सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है।

क्षेत्रीय पहचान: मुख्यमंत्री ने मंदसौर की सराहना करते हुए इसे श्वेत, हरित और नील क्रांति का संगम बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ की लहसुन विश्व प्रसिद्ध है और कूनो के बाद अब मंदसौर की धरती पर चीतों की मौजूदगी पर्यटन को नए आयाम देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *