सीहोर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि भारत को दलहन (दालों) के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मध्यप्रदेश मुख्य भूमिका निभाएगा। सीहोर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा कि दालों का आयात करना देश के हित में नहीं है, इसलिए सरकार ‘बीज से बाजार तक’ किसानों का साथ दे रही है।
मुख्य घोषणाएं और लक्ष्य:
- बजट और प्रोत्साहन: मध्यप्रदेश को दलहन मिशन के लिए 354 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आदर्श किसानों को प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा।
- दाल मिलों का जाल: देशभर में 1000 दाल मिलें खुलेंगी, जिनमें से 55 अकेले मध्यप्रदेश में स्थापित होंगी। दाल मिल शुरू करने पर 25 लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा।
- विदेशी समझौते: अमेरिका और यूरोप के 27 देशों के साथ कृषि समझौते हुए हैं, जिससे बासमती चावल, मसालों और कपास निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। सीहोर का शरबती गेहूं भी अब वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएगा।
- शत-प्रतिशत खरीदी: केंद्र सरकार तुअर (8000/क्विंटल), उड़द (7800/क्विंटल), चना (5875/क्विंटल) और मसूर ($7000$/क्विंटल) की पूरी पैदावार खरीदेगी।