धार/भोपाल: मध्यप्रदेश के धार जिले स्थित महाराजा भोज शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के लिए यह गौरव का क्षण है। यहाँ के भौतिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सागर सेन और उनके शोधार्थी विनय श्रीवास्तव को जर्मनी के हैम्बर्ग स्थित प्रतिष्ठित अनुसंधान संस्थान ‘DESY’ (Deutsches Elektronen-Synchrotron) में शोध करने का निमंत्रण मिला है। दोनों वैज्ञानिक 19 से 25 अक्टूबर 2025 तक जर्मनी में ‘Small Angle X-ray Scattering’ (SAXS) तकनीक का उपयोग कर प्रयोग करेंगे।
शोध का महत्व: भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा वित्तपोषित इस परियोजना के तहत डॉ. सेन नैनोस्ट्रक्चर्ड पतली परतों की सतही संरचना और उनके इलेक्ट्रॉनिक गुणों का विश्लेषण करेंगे। यह शोध स्पिन्ट्रॉनिक्स, उन्नत बैटरी, कैपेसिटर और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। डॉ. सेन इससे पहले ग्रीस और पोलैंड में भी व्याख्यान दे चुके हैं और वर्तमान में MPCST भोपाल और IUAC नई दिल्ली की परियोजनाओं पर भी कार्य कर रहे हैं।