नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेफ्री एपस्टीन के साथ अपने संबंधों पर उठ रहे सवालों का कड़ा जवाब दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नाम लिए जाने के बाद पुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी मुलाकातें पूरी तरह पेशेवर थीं और इनका किसी भी गलत गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं था।
मुख्य बिंदु:
- सीमित मुलाकातें: पुरी ने बताया कि 2009 से 2017 के बीच उनके 30 लाख ईमेल रिकॉर्ड में केवल 3-4 बार ही एपस्टीन से मिलने का जिक्र है। ये बैठकें ‘इंडिपेंडेंट कमीशन ऑन मल्टीलेटरलिज्म’ से जुड़ी थीं।
- राहुल गांधी का आरोप: राहुल गांधी ने सदन में दावा किया था कि पुरी जानते हैं कि अनिल अंबानी को एपस्टीन से किसने मिलवाया था।
- पेशेवर चर्चा: पुरी ने रीड हॉफमैन (लिंक्डइन संस्थापक) के साथ अपनी मुलाकात को भी पेशेवर बताया, जिसका उद्देश्य भारत में इंटरनेट और व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करना था।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि वह उस समय एक निजी नागरिक के रूप में भारत की संभावनाओं पर अपनी समझ साझा कर रहे थे।