वाशिंगटन: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत को दोगुना करने का फैसला किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिका अपना सबसे शक्तिशाली और दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर, USS जेराल्ड आर. फोर्ड, इस क्षेत्र में भेज रहा है।
प्रमुख विवरण:
- तैनाती का समय: फोर्ड को मिडिल ईस्ट पहुँचने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा।
- मौजूदा स्थिति: वहां पहले से ही ‘अब्राहम लिंकन’ कैरियर और अन्य युद्धपोत तैनात हैं।
- क्षमता: यह कैरियर परमाणु रिएक्टर से चलता है और इसमें 75 से अधिक घातक विमान (जैसे F-18 सुपर हॉर्नेट और E-2 हॉकआई) तैनात रहते हैं। इसमें आधुनिक रडार और नेविगेशन सिस्टम भी लगा है।
अमेरिकी नौसेना के पास केवल 11 ऐसे कैरियर हैं, जो इनकी महत्ता को दर्शाते हैं। पहले जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश कैरियर को भेजने पर विचार हुआ था, लेकिन तकनीकी सर्टिफिकेशन में देरी के कारण फोर्ड को चुना गया।