गांधीनगर: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज गुजरात की राजधानी गांधीनगर में देश की पहली सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ केन्द्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी मौजूद रहे। श्री शाह ने इसे मोदी सरकार के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ मंत्र को जमीन पर उतारने वाला एक क्रांतिकारी कदम बताया।
भ्रष्टाचार मुक्त वितरण की ओर कदम: संबोधन के दौरान अमित शाह ने कहा कि जिस प्रकार DBT ने घपलों को समाप्त किया, उसी प्रकार यह नई तकनीक राशन वितरण से बिचौलियों और भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर देगी। उन्होंने ‘अन्नपूर्ति मशीन’ का भी लोकार्पण किया, जो मात्र 35 सेकंड में 25 किलो अनाज वितरित करने में सक्षम है। लक्ष्य रखा गया है कि अगले 3-4 वर्षों में इस पारदर्शी प्रणाली को पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
किसानों के हितों पर विपक्ष को जवाब: गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि FTA और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के माध्यम से डेयरी, कृषि और मछुआरों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली सरकारों ने डंकल प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर किसानों को असुरक्षित किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने कृषि बजट को 26 हजार करोड़ से बढ़ाकर 1.29 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।