₹2,742 करोड़ के कोयला चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में I-PAC से जुड़ी जांच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है, जिस पर अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी।
- मुख्य आरोप: CBI ने 2020 में इस घोटाले पर FIR दर्ज की थी। आरोप है कि करीब ₹20 करोड़ की राशि हवाला के जरिए I-PAC तक पहुँची। इसी सिलसिले में 8 जनवरी को कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी।
- हंगामे की वजह: छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँच गई थीं। ED का आरोप है कि वे वहां से कई महत्वपूर्ण फाइलें उठाकर ले गईं, जो जांच में बड़ी बाधा है। 15 जनवरी को कोर्ट ने भी इसे ‘अत्यंत गंभीर मुद्दा’ करार दिया था।
- वर्तमान स्थिति: बंगाल पुलिस ने इस मामले में ED अधिकारियों के खिलाफ ही FIR दर्ज कर ली है, जिसे केंद्रीय एजेंसी ने अपनी याचिका में चुनौती दी है।