इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘ग्लोबल काबुली चना कॉन्क्लेव’ में घोषणा की है कि मध्यप्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) इकाइयों को अब ‘उद्योग’ का दर्जा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य में इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित करते हुए हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया है।
मुख्य बिंदु:
- 5 साल का रोडमैप: सरकार ने कृषि आधारित उद्योगों के लिए पांच साल की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।
- रियायतें और सुविधाएं: उद्योग स्थापना के लिए नियमों को सरल बनाया गया है। निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी और टैक्स में विशेष छूट दी जाएगी।
- रोजगार प्रोत्साहन: श्रम आधारित उद्योगों के लिए सरकार प्रति श्रमिक 5,000 रुपये प्रति माह की सहायता प्रदान करेगी।
- बजट का लक्ष्य: अगले 5 वर्षों में राज्य के बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।