नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मोदी से शुक्रवार को मिले मलयाली साहित्यकारों के समूह ने इस प्रशासनिक और सांस्कृतिक सुधार के लिए धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने इस चर्चा को ज्ञानवर्धक बताते हुए साहित्यकारों की प्रतिबद्धता को सराहा।
संवैधानिक प्रक्रिया की स्थिति:
- कैबिनेट की मंजूरी: पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
- राष्ट्रपति की भूमिका: अब राष्ट्रपति ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को राज्य विधानसभा के पास विचार के लिए भेजेंगे।
- अंतिम चरण: विधानसभा की राय आने के बाद, केंद्र सरकार संसद में विधेयक लाने के लिए राष्ट्रपति की औपचारिक अनुशंसा प्राप्त करेगी।
ज्ञात हो कि केरल विधानसभा ने जून 2024 में यह तर्क देते हुए प्रस्ताव पारित किया था कि मलयालम भाषी लोगों के लिए 1 नवंबर (केरल पिरवी दिवस) का विशेष महत्व है और संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन कर ‘केरलम’ नाम दर्ज करना आवश्यक है।