नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में अभूतपूर्व कूटनीतिक सक्रियता दिखाई है। पीएम मोदी ने यूएई, इजरायल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर गहन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शांति, सुरक्षा और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रमुख कूटनीतिक संवाद:
- कतर: पीएम मोदी ने अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बात कर कतर की संप्रभुता पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस मुश्किल समय में कतर के साथ खड़ा है और वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए आभार व्यक्त किया।
- ओमान और जॉर्डन: ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से बातचीत में पीएम ने क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बातचीत और डिप्लोमेसी ही शांति का एकमात्र रास्ता है।
- बहरीन: बहरीन के राजा किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा से संवाद के दौरान पीएम ने बहरीन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और वहां के लोगों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य न केवल युद्ध के विस्तार को रोकना है, बल्कि खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।