वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। 4 मार्च को कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1123 अंक (1.40%) गिरकर 79,116 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 385 अंक (1.55%) फिसलकर 24,480 के स्तर पर आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा मार मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर पड़ी है।
बाजार गिरने के प्रमुख कारण:
- सप्लाई चेन का संकट: ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
- महंगा कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे भारत का इम्पोर्ट बिल और महंगाई बढ़ने का डर है।
- वैश्विक बिकवाली: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मंदी के रुख ने भारतीय निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली के चलते भारतीय रुपया 66 पैसे गिरकर 92.15 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है।