भारत और फिनलैंड ने पर्यावरण समझौते का किया नवीनीकरण; प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु कार्रवाई पर रहेगा जोर

भारत और फिनलैंड ने पर्यावरण समझौते का किया नवीनीकरण; प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु कार्रवाई पर रहेगा जोर

नई दिल्ली: भारत और फिनलैंड ने सतत भविष्य की ओर एक बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2020 में हस्ताक्षरित अपने ‘पर्यावरण सहयोग समझौता ज्ञापन’ (MoU) को आधिकारिक तौर पर नवीनीकृत कर दिया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वायु और जल प्रदूषण को रोकना, अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार करना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से मिलकर निपटना है।

सहयोग के मुख्य बिंदु:

  • प्रौद्योगिकी और ज्ञान साझा करना: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच तकनीकी ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) के आदान-प्रदान के लिए एक ठोस ढांचा तैयार करेगा।
  • अपशिष्ट से ऊर्जा: समझौते में कचरा प्रबंधन के साथ-साथ खतरनाक अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान और ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ (कचरे से बिजली बनाना) जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
  • प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन: दोनों देश वन संरक्षण, समुद्री और तटीय संसाधनों के सतत उपयोग और डेटा प्रबंधन की दिशा में एक साथ काम करेंगे।

यह नवीनीकरण न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है।

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