मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अशोकनगर जिले के प्रसिद्ध करीला धाम में आयोजित रंगपंचमी मेला महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने माता जानकी के दर्शन किए और जिले के विकास के लिए 115 करोड़ रुपये की लागत वाले 50 विकास कार्यों का उपहार दिया। इसमें 57.03 करोड़ के 11 कार्यों का लोकार्पण और 58.32 करोड़ के 39 कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीला धाम श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम है, जहाँ माता सीता अपने पुत्रों लव-कुश के साथ विराजमान हैं। उन्होंने इसे देश का एकमात्र ऐसा अद्वितीय मंदिर बताया जहाँ माता की पूजा उनके पुत्रों के साथ होती है। मुख्यमंत्री ने इस पावन स्थल के संपूर्ण विकास की योजना बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए और दीपनाखेड़ा से करीला धाम तक 10 किमी सड़क स्वीकृत करने की घोषणा की।
डॉ. यादव ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उल्लेख करते हुए नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि माता सीता धैर्य और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। उन्होंने प्रदेश में ‘राम वन गमन पथ’ के विकास और महिलाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, जैसे लाड़ली बहना योजना (1500 रुपये प्रतिमाह) और आगामी चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली जिले की सात महिलाओं को सम्मानित भी किया।