भोपाल: राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने रविवार को राजभवन (लोकभवन) में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC), नई दिल्ली के वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारियों के एक दल को संबोधित किया। 15 से 21 मार्च तक मध्यप्रदेश के अध्ययन भ्रमण पर आए 16 सदस्यीय दल को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अध्ययन भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह आपदा प्रबंधन, प्रशासनिक समन्वय और संसाधन प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं को सीखने का एक स्वर्णिम अवसर है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में आध्यात्मिक अनुभवों पर ज़ोर देते हुए श्रीलंका की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कोलंबो में बुद्ध के अवशेषों के दर्शन के लिए 14 लाख श्रद्धालु उमड़े, जो आस्था के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश की विश्व धरोहरों जैसे सांची, भीमबेटका और खजुराहो के साथ-साथ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर और इंदौर के औद्योगिक व शहरी प्रबंधन मॉडल का गहन अध्ययन करें। उन्होंने विशेष रूप से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना के तहत देश की सांस्कृतिक और सामरिक प्रगति को समझने पर बल दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल ने दल प्रमुख मेजर जनरल पवन पाल सिंह को गोंड कला की पेंटिंग भेंट की।