मिडिल-ईस्ट संघर्ष के बीच राहत: 45 हजार टन एलपीजी लेकर ‘शिवालिक’ मुंद्रा पहुंचा, क्रूड शिप भी रास्ते में

मिडिल-ईस्ट संघर्ष के बीच राहत: 45 हजार टन एलपीजी लेकर ‘शिवालिक’ मुंद्रा पहुंचा, क्रूड शिप भी रास्ते में

पश्चिम एशिया में जारी अशांति के बीच, भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया है। कतर से गैस लेकर चला भारतीय एलपीजी कैरियर ‘शिवालिक’ सोमवार शाम 5 बजे गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया। मंत्रालय के अनुसार, यह जहाज मिडिल-ईस्ट संघर्ष शुरू होने के बाद भारत पहुंचने वाला पहला एलपीजी जहाज है।

प्रमुख बिंदु:

  • शिपमेंट: शिवालिक करीब 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी लाया है, जो लगभग 32 लाख घरेलू सिलेंडरों के बराबर है। इसने 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था।
  • नाविकों की सुरक्षा: पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में कोई घटना नहीं हुई है।
  • क्षेत्र में भारतीय उपस्थिति: होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में भारत के झंडे वाले 22 जहाज अभी भी मौजूद हैं, जिन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
  • कच्चे तेल की आपूर्ति: यूएई से करीब 81,000 टन मुरबान कच्चा तेल लेकर चला भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ कल (17 मार्च) मुंद्रा पहुंचेगा। जहाज और उसका क्रू सुरक्षित है।

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