भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला’ को संबोधित करते हुए वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य न केवल खेती का विकास करना है, बल्कि इसका सीधा लाभ किसान के परिवार तक पहुँचाना है।
बिजली और सिंचाई पर बड़ा फोकस मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है जो किसानों को मात्र 5 रुपए में बिजली कनेक्शन उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही, प्रदेश में सिंचाई का रकबा वर्तमान 54 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है।
दुग्ध उत्पादन और पशुपालन पशुपालन क्षेत्र में क्रांति लाने के उद्देश्य से सरकार ने दुग्ध उत्पादन लक्ष्य को 9% से बढ़ाकर 20% कर दिया है। पिछले 18 महीनों में दूध संकलन में 25% की वृद्धि हुई है और दूध के दाम भी 5 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं। स्कूली बच्चों के लिए ‘माता यशोदा योजना’ के तहत मुफ्त दूध वितरण शुरू किया जाएगा।
औद्योगिक और तकनीकी विकास प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए धार में देश का पहला ‘पीएम मित्र पार्क’ स्थापित किया जा रहा है, जिससे 5 लाख किसानों को लाभ होगा। साथ ही, एग्रीस्टैक योजना में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है, जहाँ किसानों का पूरा डेटा डिजिटल रूप से उपलब्ध है।