मिडिल ईस्ट के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में ईरान की सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा सहित दुनिया के 20 प्रमुख देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरान की हालिया कार्रवाइयों की घोर निंदा की है। इन देशों ने ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर हमलों, समुद्री मार्ग में माइन बिछाने और ड्रोन-मिसाइल हमलों को अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है।
प्रमुख चिंताएं और मांगें: संयुक्त बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ईरान द्वारा तेल और गैस प्रतिष्ठानों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इन देशों ने ईरान से ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817’ का तत्काल पालन करने की अपील की है। देशों का तर्क है कि नेविगेशन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का एक मौलिक सिद्धांत है, जिसका उल्लंघन वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Energy Supply Chain) को ध्वस्त कर सकता है।