शेयर बाजार में कोहराम: युद्ध के साये में सेंसेक्स 1,800 अंक टूटा, निवेशकों के डूबे अरबों रुपये
आज यानी 23 मार्च को भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार की स्थिति है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण घरेलू निवेशकों में भारी बिकवाली का माहौल बना हुआ है। सेंसेक्स 1,800 अंकों (2.50%) की भारी गिरावट के साथ 72,700 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है, जबकि निफ्टी 600 अंक (2.60%) फिसलकर 22,500 के आसपास कारोबार कर रहा है।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण:
- युद्ध की विभीषिका: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक सप्लाई चेन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। युद्ध के कारण निवेशकों में असुरक्षा का भाव है।
- महंगा होता कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर यह 114 डॉलर तक भी पहुंच गई हैं। भारतीय बास्केट के लिए यह दर 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच चुकी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
- रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: खाड़ी देशों में युद्ध के प्रभाव से रुपया डॉलर के मुकाबले 33 पैसे गिरकर 93.86 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया है।
दलाल स्ट्रीट पर आज चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है। विशेष रूप से बैंकिंग, ऑटो, मेटल और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाजार से मोहभंग होता दिख रहा है।
FIIs और DIIs के आंकड़े: मार्च के महीने में अब तक विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से 86,780 करोड़ रुपये की भारी निकासी की है। अकेले 20 मार्च को उन्होंने 5,518 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को संभालने की कोशिश करते हुए इस महीने 101,168 करोड़ रुपये की खरीदारी की है, लेकिन वैश्विक संकेतों के आगे यह सहारा अपर्याप्त साबित हो रहा है।
अमेरिकी और एशियाई बाजारों का हाल: भारतीय बाजार पर वैश्विक मंदी का सीधा असर दिख रहा है। 20 मार्च को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे:
- डाउ जोन्स: 443 अंक गिरा (0.96%)
- नैस्डैक: 2.01% की बड़ी गिरावट
- S&P 500: 100 अंक टूटा (1.51%)
एशियाई बाजारों में भी स्थिति भयावह है। जापान का निक्केई 3.35%, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5.62% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 3.37% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं।