पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोमवार को अपनी दैनिक मीडिया ब्रीफिंग में जानकारी दी कि देश में एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है और कालाबाजारी पर भी प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा रहा है। मंत्रालय ने इस स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आपूर्ति और वितरण व्यवस्था स्थिर बनी हुई है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है और रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। इसके चलते बाजार में ईंधन की खुदरा उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति प्राथमिकता वाले उपभोक्ताओं के लिए लगातार जारी है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र की लगभग 80 प्रतिशत मांग पूरी की जा रही है।
पीएनजी को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत पिछले तीन सप्ताह में करीब 3 लाख 50 हजार नए घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन सक्रिय या प्रदान किए गए हैं। इसके लिए अतिरिक्त एलपीजी आवंटन और नीतिगत समर्थन दिया गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एलपीजी की आपूर्ति पर लगातार नजर रखी जा रही है और वितरण प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के आवंटन को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। सरकार ने वाणिज्यिक उपयोग के लिए एलपीजी आवंटन में वृद्धि की है। राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि कुल उपलब्ध मात्रा का 50 प्रतिशत हिस्सा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—जैसे रेस्टोरेंट, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम सिलेंडर—के लिए सुनिश्चित किया जाए।
कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि अब तक 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने लगभग 15,800 टन केरोसिन उठाया है, जबकि 15 राज्यों को इसका आवंटन किया गया है। 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निगरानी तंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनके तहत 37,000 से अधिक छापेमारी की गई, 550 एफआईआर दर्ज हुईं और 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा तेल कंपनियों ने 234 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में एलपीजी की बुकिंग न करें और गैस का उपयोग संयमित तरीके से करें, ताकि सभी को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।