22 मार्च को भोपाल के टीटी नगर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाने की खबर सामने आई। हालांकि, पुलिस कंट्रोल रूम की सतर्कता और फील्ड यूनिट की मुस्तैदी ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
कैसे बची जान?
- त्वरित सूचना: राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, नजदीकी एफआरवी वाहन को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
- मौके पर निर्णय: पुलिस टीम जब घर पहुंची तो गेट अंदर से बंद था। जवानों ने गेट टूटने का इंतज़ार करने के बजाय उसे बलपूर्वक तोड़ा ताकि अंदर फंसे व्यक्ति को तत्काल सहायता मिल सके।
- जीवन रक्षा: फंदे पर लटके व्यक्ति को नीचे उतारने के बाद टीम ने परिजनों के साथ मिलकर उसे प्राथमिक सहायता सुनिश्चित की।
पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में सराहना हो रही है। डायल-112 टीम ने न केवल कानून व्यवस्था बल्कि जीवन सुरक्षा के अपने सर्वोच्च संकल्प को सिद्ध किया है।