मध्यप्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रदेशभर में लगातार अभियान चलाया हुआ है। इसी क्रम में पिछले चार दिनों के भीतर विभिन्न जिलों में म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, क्रिप्टो ठगी और डिजिटल फ्रॉड से जुड़े मामलों में तेज कार्रवाई करते हुए कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन कार्रवाइयों के दौरान न केवल अंतर्राज्यीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित गिरोहों का भी पर्दाफाश हुआ है। साथ ही पुलिस ने ठगी गई राशि को वापस दिलाने की दिशा में भी सफल प्रयास किए हैं।
अनूपपुर जिले में पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए संचालित एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और पासबुक अपने कब्जे में ले लेता था। इसके बाद ये दस्तावेज मुंबई के जरिए दुबई में बैठे गिरोह के सरगना तक पहुंचाए जाते थे। इन खातों के माध्यम से प्रतिदिन लाखों रुपये के अवैध लेनदेन किए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 165 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 20 पासबुक, 5 चेकबुक, 18 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक राउटर जब्त किया।
नर्मदापुरम् जिले के सिवनी मालवा थाना क्षेत्र में मोबाइल गुम होने के बाद बैंक खातों से 2.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने मोबाइल और सिम का दुरुपयोग करते हुए यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग कियोस्क सेंटरों से चरणबद्ध तरीके से पैसे निकाले। तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा।
ग्वालियर में साइबर क्राइम शाखा ने एक शासकीय शिक्षक के साथ हुई 97 हजार रुपये की क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले में तेजी से कार्रवाई की। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर राशि को फ्रीज कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पूरी रकम पीड़ित के खाते में वापस कराई गई।
इसी के साथ एक अन्य मामले में क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट के नाम पर 1 करोड़ 41 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को बड़वानी और देवास से गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि ये आरोपी किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे।
सीहोर जिले के बुधनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 32 सिम कार्ड जारी किए थे, जिनमें से 15 सिम की पुष्टि हो चुकी है। इस मामले में आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
बुरहानपुर में साइबर सेल ने हाई रिटर्न ट्रेडिंग इन्वेस्टमेंट के नाम पर हुई ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को राहत दिलाई। कुल 3 लाख 90 हजार 400 रुपये की ठगी में से 1 लाख 28 हजार 940 रुपये की राशि वापस कराई गई। शिकायतकर्ता द्वारा 1930 हेल्पलाइन पर सूचना देने के बाद पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से ट्रांजेक्शन को ट्रैक कर रकम को फ्रीज कराया।
इन सभी मामलों से स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के खिलाफ तकनीकी दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित रणनीति के जरिए सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।