केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में की गई कटौती को ‘जनता के हित में लिया गया फैसला’ करार दिया है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद भारत सरकार ने इसका बोझ आम आदमी पर नहीं पड़ने दिया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो मुख्य उद्देश्य थे: पहला, देश में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और दूसरा, कीमतों को नियंत्रण में रखना। इसके लिए सरकार ने एक्सपोर्ट करने वाली रिफाइनरियों पर टैक्स लगाया है, ताकि घरेलू बाजार में तेल की कमी न हो। शुक्रवार को केंद्र ने पेट्रोल पर ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर शून्य कर दी है, जिससे कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर तक की राहत मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यदि तेल कंपनियों को यह राहत न दी जाती, तो जनता के लिए तेल की कीमतें आसमान छूने लगतीं। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित बताने वाले बयानों को ‘शर्मनाक’ करार दिया।