देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग ने रविवार को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और राजस्थान सहित सात राज्यों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की गंभीर चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और अमेठी जैसे जिलों में शनिवार को हुई ओलावृष्टि के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एक मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका असर अगले तीन दिनों तक रहेगा।
राजस्थान में 31 मार्च तक आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल और उज्जैन सहित 40 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना ने ठंडक बढ़ा दी है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
विभिन्न राज्यों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण स्थिति निम्नलिखित है:
उत्तराखंड: देवभूमि के 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों (उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़) में बर्फबारी का अनुमान है, जबकि निचले इलाकों में बारिश होगी।
हरियाणा: यहाँ मौसम विभाग ने सबसे गंभीर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल सहित 6 जिलों में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओले गिरने की प्रबल आशंका है।
मध्य प्रदेश: ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले गिरने का अलर्ट है। पश्चिमी विक्षोभ और टर्फ लाइन की वजह से यहाँ अगले 4 दिन तक आंधी-बारिश का दौर चलेगा।
उत्तर प्रदेश: सुल्तानपुर, अमेठी और रायबरेली में पहले ही ओले गिर चुके हैं। प्रयागराज और वाराणसी में बारिश दर्ज की गई है। आगामी दो दिनों तक पूरे प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना बनी हुई है।
बिहार: अररिया में रिकॉर्ड 50.4mm बारिश के बाद, अब पटना सहित 12 जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।